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Wednesday, September 12, 2018

दिल थाम के बेठो


      • दिल थाम के बेठो                                      

दिल थाम के बेठो अभी भयानक मंजर कहाँ देखा है /
बहता रक्त का झरना ,वो लाल समंदर  कहा देखा है,
बरसता ये जो पानी है, भीगना ना तुम इसमें /
अभी तुमने बारिश मे उठता तेजाब का बवंडर कहाँ देखा है/
बात पर बिगडो मत यु मेरी, होश संभाल भी लो अब अपने ,
प्यार देखा  है बस, अभी उसके हाथ का छुपा खंजर कहाँ देखा है/

चेहरे पर मत जाना ये चेहरे धोका देते  है /
नयनो की धार तेज है, कि फिर ये कहाँ मौका देते है/
रंगीन मुखोटे ओढ़े है, छूना ना तुम इनको,
मत सोना लहराती जुल्फो के साये में ,ये जहरीली हवा का झोका देते है/

दिलकस लरजते से लब जो है, समझते पैमाना हो जिनको ,
तलबगार ना होना इनका , विष भरे प्याले है ये /
झूमते देखे बहुत होंगे , अभी पीकर इनको मरते हुए लोग कहाँ देखे है/
 

6 comments:

  1. सुंदर रचना ।
    बहुत बहुत बधाई इस रचना के लिए।

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  2. चेहरे पर मत जाना ये चेहरे धोका देते है वाह बहुत सुंदर रचना 👌👌

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    Replies
    1. धन्यवाद अनुराधा चौहान जी.

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दर्जे दसवें ब्याह हो गया

दर्जे दसवें ब्याह हो गया , खुशियाँ  धरी रही सारी।