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Friday, September 14, 2018

मुख़्तसर कहो इकरार क्या है?


      • मुख़्तसर कहो इकरार क्या है
मुख़्तसर कहो इकरार क्या है?

फकीर की फकीरी का कीमतें-बाजार क्या है?

बदलने से जुब्बा-ओ दस्तार ख्यालात नहीं बदलते,

मसनद मिले भी तो क्या हालात नहीं बदलते /

भटकते रहो दर बदर , भटको !

बच के निकल जाने से सवालात नहीं बदलते /



तजकिरा है कि खामोशी ओढ़ ली मैने,

लरजती है चाल अब ,के शराफत छोड़ दी मैने,

फैलने से अफवाहों के सुरते हाल नहीं बदलते /

निकला हु सफर पर तो दूर तक जाउगा ,

मोकापरस्ती की थी जो आदत वो आदत छोड़ दी मैंने /



असीर हु तेरा ,जो चाहे कर करम ,

सूली चढ़ा मुझे या करदे मुझे दफन ,

सजा हो तो ऐसी हो ,दूर तक चले खबर ,

महताब भी रो दे ,आहे भरे शजर /
shayarikhanidilse.blogspot.com/2018/09/blog-post.html

27 comments:

  1. वाह !!! बहुत उम्दा

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  2. मसनद मिले भी तो क्या हालात नहीं बदलते /
    भटकते रहो दर बदर , भटको !
    बच के निकल जाने से सवालात नहीं बदलते /
    .....बहुत खूब लिखा है आपने । बस यूँ ही लिखते रहें। शुभकामनाएं ।

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    1. हौसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद.

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  3. वाह संवेदनशील रचना

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  4. वाह बहुत खूब 👌👌👌

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  5. आपकी लिखी रचना आज "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 19 सितंबर 2018 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!



    .

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    1. धन्यवाद और सम्मान के लिए आभार

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  6. वाह
    बहुत ही खूब।मजा आ गया।

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  7. निकला हु सफर पर तो दूर तक जाउगा ,

    मोकापरस्ती की थी जो आदत वो आदत छोड़ दी मैंने /
    बहुत सुन्दर....
    वाह!!!

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  8. बेहद उम्दा अश'आर हैं अंकित जी..
    बहुत सुंदर लेखन।
    बधाई स्वीकार करें और शुभच्छायें भी।

    कृपया ब्लॉग फॉलोवर बटन लगाइये ताकि आपकी नयी रचनाओं के बारे में आपके प्रशंसक जान सके।

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    1. बहुत धन्यवाद पसंद करने के लिए और बहुमूल्य सुझाव के लिए

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    2. ब्लॉग फॉलोवर बटन लगा दिया गया है

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  9. बहुत उम्दा ... गज़ब के शेर सारे ...

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  10. बेहतरीन 👌 👌 👌 👌

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  11. धन्यवाद आदरणीय
    सादर।

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  12. बहुत सुंदर लेखन है आपका अंकित जी | सारे भाव बहुत मर्मस्पर्शी हैं |

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  13. बहुत धन्यवाद...

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  14. दिल से दिल तक ही उतर गयी आपकी ये नज्म.
    वाह बेहतरीन.

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  15. आदरणीय सादर धन्यवाद...

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  16. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति :)

    वक़्त मिले तो हमारे ब्लॉग पर भी आयें|
    http://sanjaybhaskar.blogspot.in

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  17. आदरणीय धन्य्वाद सादर...

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दर्जे दसवें ब्याह हो गया , खुशियाँ  धरी रही सारी।